यादों की बारात चली है
आ भी जाओ रात चली है
ज़ब्त का दामन छुटा ऐसे
आँखों से बरसात चली है
कहते हैं फिर लौट न आना
कुछ तो आगे बात चली है
वो जिस रस्ते से भी गुज़रे
सारी दुनिया साथ चली है
काश वो और अभी रुक जायें
बात अधूरी रात चली है
यादों की बारात चली है
आ भी जाओ रात चली है
ज़ब्त का दामन छुटा ऐसे
आँखों से बरसात चली है
कहते हैं फिर लौट न आना
कुछ तो आगे बात चली है
वो जिस रस्ते से भी गुज़रे
सारी दुनिया साथ चली है
काश वो और अभी रुक जायें
बात अधूरी रात चली है
yādoṅ kī bārāt chalī hai
ā bhī jāo rāt chalī hai
zabt kā dāman chhuṭā aise
āṇkhoṅ se barsāt chalī hai
kahte haiṅ phir lauṭ na ānā
kuchh to āge bāt chalī hai
vo jis raste se bhī guzre
sārī duniyā sāth chalī hai
kāśh vo aur abhī ruk jāyeṅ
bāt adhūrī rāt chalī hai