शौक़ से आयें ग़म ज़माने के
दर खुले हैं ग़रीबख़ाने के
ये मुहब्बत ये दोस्ती ये वफ़ा
सब वसीले हैं दिल दुखाने के
क्या सुने कोई दास्तान-ए-हयात
लाख उनवाँ हैं इक फ़साने के
इक ख़ज़ाना है ज़िंदगी 'फ़ाक़िर्'
अश्क़ मोती हैं इस ख़ज़ाने के
शौक़ से आयें ग़म ज़माने के
दर खुले हैं ग़रीबख़ाने के
ये मुहब्बत ये दोस्ती ये वफ़ा
सब वसीले हैं दिल दुखाने के
क्या सुने कोई दास्तान-ए-हयात
लाख उनवाँ हैं इक फ़साने के
इक ख़ज़ाना है ज़िंदगी 'फ़ाक़िर्'
अश्क़ मोती हैं इस ख़ज़ाने के
śhauq se āyeṅ ġham zamāne ke
dar khule haiṅ ġharībakhāne ke
ye muhabbat ye dostī ye vafā
sab vasīle haiṅ dil dukhāne ke
kyā sune koī dāstān-e-hayāt
lākh unvāṇ haiṅ ik fasāne ke
ik khazānā hai ziṅdgī 'fāqir'
aśhq motī haiṅ is khazāne ke