शाम से आज साँस भारी है
बेकरारी है बेकरारी है
आपके बाद हर घड़ी हमने
आपके साथ ही गुज़ारी है
रात को दे दो चाँदनी की रिदा
दिन की चादर अभी उतारी है
कल का हर वाक़या तुम्हारा था
आज की दास्ताँ हमारी है
शाम से आज साँस भारी है
बेकरारी है बेकरारी है
आपके बाद हर घड़ी हमने
आपके साथ ही गुज़ारी है
रात को दे दो चाँदनी की रिदा
दिन की चादर अभी उतारी है
कल का हर वाक़या तुम्हारा था
आज की दास्ताँ हमारी है
śhām se āj sāṇs bhārī hai
bekrārī hai bekrārī hai
āpke bād har ghaṛī hamne
āpke sāth hī guzārī hai
rāt ko de do chāṇdnī kī ridā
din kī chādar abhī utārī hai
kal kā har vāqyā tumhārā thā
āj kī dāstāṇ hamārī hai