(साँवली सलोनी सी महबूबा
तेरी शूड़ियाँ शड़ंग कर के
जाने कैसे आस दिलाएं
हाय हाय करें सब लड़के) - 2
अमरीका के न जापान के - 2
हम तो हैं दीवाने मुलतान के
जामनी होंठ, सराएकी बोले
और काहों में रस टपके
साँवली सलोनी …
दिल आया है जब से शाम पे - 2
हम बैठे हैं बस आराम से
सुबह सुहानी, रात नशीली
किया करेंगे पसंद करके
साँवली सलोनी …
तेरी नाज़ुक कलाई साँवली - 2
जिस दिन से हाय हम ने थाम ली
जितने थे तेरे चाहने वाले
अब जीते हैं मर मर के
साँवली सलोनी …