रहिये अब ऐसी जगह, चलकर जहाँ कोई न हो
हम सुख़न कोई न हो और हमज़बाँ कोई न हो
बे दर-ओ-दीवार स एक घर बनाया चाहिये
कोई हमसाया न हो और पासबाँ कोई न हो
पड़िये गर बीमार तो कोई न हो तीमारदार
और अगर मर जायें तो, नोहाख़्वाँ कोई न हो
रहिये अब ऐसी जगह, चलकर जहाँ कोई न हो
हम सुख़न कोई न हो और हमज़बाँ कोई न हो
बे दर-ओ-दीवार स एक घर बनाया चाहिये
कोई हमसाया न हो और पासबाँ कोई न हो
पड़िये गर बीमार तो कोई न हो तीमारदार
और अगर मर जायें तो, नोहाख़्वाँ कोई न हो
rahiye ab aisī jagah, chalkar jahāṇ koī na ho
ham sukhan koī na ho aur hamazbāṇ koī na ho
be dar-o-dīvār sa ek ghar banāyā chāhiye
koī hamsāyā na ho aur pāsbāṇ koī na ho
paṛiye gar bīmār to koī na ho tīmārdār
aur agar mar jāyeṅ to, nohākhvāṇ koī na ho