मैं उन्हें छेड़ूँ और कुछ न कहे
चल निकलते जो मय पिये होते
कहर हो या बला हो, जो कुछ हो
काश कि तुम मेरे लिये होते
मेरी क़िसमत में ग़म गर इतना था
दिल भी या रब, कई दिये होते
आ ही जाता वो राह पर ग़ालिब
कोई दिन और भी जिये होते
मैं उन्हें छेड़ूँ और कुछ न कहे
चल निकलते जो मय पिये होते
कहर हो या बला हो, जो कुछ हो
काश कि तुम मेरे लिये होते
मेरी क़िसमत में ग़म गर इतना था
दिल भी या रब, कई दिये होते
आ ही जाता वो राह पर ग़ालिब
कोई दिन और भी जिये होते
maiṅ unheṅ chheṛūṇ aur kuchh na kahe
chal nikalte jo may piye hote
kahar ho yā balā ho, jo kuchh ho
kāśh ki tum mere liye hote
merī qismat meṅ ġham gar itnā thā
dil bhī yā rab, kaī diye hote
ā hī jātā vo rāh par ġhālib
koī din aur bhī jiye hote