मोहब्बत का सोज़-ए-निहाँ रह गया
बुझी आग लेकिन धुआँ रह गया
हुई कम न तक़दीर की गर्दिशें
ज़मीं थक गई आसमाँ रह गया
मेरा दिल है और हम-नशीनों का सोग
मुसाफ़िर पस-ए-कारवाँ रह गया
गया था पय-ए-सार-ए-दश्त-ए-जुनूँ
ख़ुदा जाने 'आबिद्' कहाँ रह गया
मोहब्बत का सोज़-ए-निहाँ रह गया
बुझी आग लेकिन धुआँ रह गया
हुई कम न तक़दीर की गर्दिशें
ज़मीं थक गई आसमाँ रह गया
मेरा दिल है और हम-नशीनों का सोग
मुसाफ़िर पस-ए-कारवाँ रह गया
गया था पय-ए-सार-ए-दश्त-ए-जुनूँ
ख़ुदा जाने 'आबिद्' कहाँ रह गया
mohabbat kā soz-e-nihāṇ rah gayā
bujhī āg lekin dhuāṇ rah gayā
huī kam na taqdīr kī gardiśheṅ
zamīṅ thak gaī āsmāṇ rah gayā
merā dil hai aur ham-naśhīnoṅ kā sog
musāfir pas-e-kārvāṇ rah gayā
gayā thā pay-e-sār-e-daśht-e-junūṇ
khudā jāne 'ābid' kahāṇ rah gayā