कब ठहरेगा दर्द-ए-दिल, कब रात बसर होगी
सुनते थे वो आयेंगे, सुनते थे सहर होगी
कब जान लहूँ होगी, कब अश्क़ गोहर होगा
किस दिन तेरी सुनवाई ऐ दीदा-ए-तर होगी
कब तक अभी राज़े के ऐ कामत-ए-जनाना
कब हश्र मुअय्यन है, तुझको तो ख़बर होगी
कब ठहरेगा दर्द-ए-दिल, कब रात बसर होगी
सुनते थे वो आयेंगे, सुनते थे सहर होगी
कब जान लहूँ होगी, कब अश्क़ गोहर होगा
किस दिन तेरी सुनवाई ऐ दीदा-ए-तर होगी
कब तक अभी राज़े के ऐ कामत-ए-जनाना
कब हश्र मुअय्यन है, तुझको तो ख़बर होगी
kab ṭhahregā dard-e-dil, kab rāt basar hogī
sunte the vo āyeṅge, sunte the sahar hogī
kab jān lahūṇ hogī, kab aśhq gohar hogā
kis din terī sunvāī ai dīdā-e-tar hogī
kab tak abhī rāze ke ai kāmat-e-janānā
kab haśhr muayyan hai, tujhko to khabar hogī