हुस्न वालों ने किया जलवा तो बिजलियां हज़ार गिरीं
हम भी कुछ दिखाते तो क़यामत हो जाती
चलता हूँ थोड़ी दूर हर इक तेज़ रौ के साथ
पहचानता नहीं हूँ अभी राहबर को मैं
हुस्न वालों ने किया जलवा तो बिजलियां हज़ार गिरीं
हम भी कुछ दिखाते तो क़यामत हो जाती
चलता हूँ थोड़ी दूर हर इक तेज़ रौ के साथ
पहचानता नहीं हूँ अभी राहबर को मैं
husn vāloṅ ne kiyā jalvā to bijliyāṅ hazār girīṅ
ham bhī kuchh dikhāte to qayāmat ho jātī
chaltā hūṇ thoṛī dūr har ik tez rau ke sāth
pahchāntā nahīṅ hūṇ abhī rāhbar ko maiṅ