हम तुझ से किस हवस की फ़लक जुस्तजू करें
दिल ही नहीं रहा है जो कुछ आरज़ू करें
हर चाँद आइना हूँ पर इतना हूँ नाक़ुबूल
मुँह फेर लें वो जिसके मुझे रूबरू करें
नैगुल को है सबात ना हम को ही ऐतबार
किस बात पर चमन हवस-ए-रंग-ओ-बू करें
हम तुझ से किस हवस की फ़लक जुस्तजू करें
दिल ही नहीं रहा है जो कुछ आरज़ू करें
हर चाँद आइना हूँ पर इतना हूँ नाक़ुबूल
मुँह फेर लें वो जिसके मुझे रूबरू करें
नैगुल को है सबात ना हम को ही ऐतबार
किस बात पर चमन हवस-ए-रंग-ओ-बू करें
ham tujh se kis havas kī falak justjū kareṅ
dil hī nahīṅ rahā hai jo kuchh ārazū kareṅ
har chāṇd āinā hūṇ par itnā hūṇ nāqubūl
muṇh pher leṅ vo jiske mujhe rūbrū kareṅ
naigul ko hai sabāt nā ham ko hī aitbār
kis bāt par chaman havas-e-raṅg-o-bū kareṅ