हम मज़े दूर से जलवों के लिये जाते हैं
ये वो प्याले हैं जो आँखों से पिये जाते हैं
तुम मेरी अर्ज़-ए-तमन्न पे ख़फ़ा होते हो
इन ख़ताओं पे तो इनआम दिये जाते हैं
फ़स्ल-ए-गुल आयी नशेमन से ख़बरदार रहो
इसी मौसम में तो बरबाद किये जाते हैं
हम मज़े दूर से जलवों के लिये जाते हैं
ये वो प्याले हैं जो आँखों से पिये जाते हैं
तुम मेरी अर्ज़-ए-तमन्न पे ख़फ़ा होते हो
इन ख़ताओं पे तो इनआम दिये जाते हैं
फ़स्ल-ए-गुल आयी नशेमन से ख़बरदार रहो
इसी मौसम में तो बरबाद किये जाते हैं
ham maze dūr se jalvoṅ ke liye jāte haiṅ
ye vo pyāle haiṅ jo āṇkhoṅ se piye jāte haiṅ
tum merī arz-e-tamann pe khafā hote ho
in khatāoṅ pe to inaām diye jāte haiṅ
fasl-e-gul āyī naśheman se khabardār raho
isī mausam meṅ to barbād kiye jāte haiṅ