हम तो कितनों को महज़बीं कहते
आप हैं इसलिये नहीं कहते
चाँद होता न आसमाँ पे अगर
हम किसे आप सा हसीं कहते
आपने औरों से कहा सब कुछ
हमसे कुछ तो कभी कहीं कहते
रात देखा था जाते जाते उन्हें
चाँद को अपना जाँनशीं कहते
हम तो कितनों को महज़बीं कहते
आप हैं इसलिये नहीं कहते
चाँद होता न आसमाँ पे अगर
हम किसे आप सा हसीं कहते
आपने औरों से कहा सब कुछ
हमसे कुछ तो कभी कहीं कहते
रात देखा था जाते जाते उन्हें
चाँद को अपना जाँनशीं कहते
ham to kitnoṅ ko mahazbīṅ kahte
āp haiṅ isliye nahīṅ kahte
chāṇd hotā na āsmāṇ pe agar
ham kise āp sā hasīṅ kahte
āpne auroṅ se kahā sab kuchh
hamse kuchh to kabhī kahīṅ kahte
rāt dekhā thā jāte jāte unheṅ
chāṇd ko apnā jāṇnśhīṅ kahte