एक तो चेहरा ऐसा हो
मेरे लिये जो सजता हो
शाम ढले एक दरवाज़ा
राह मेरी भी तकता हो
मेरा दुख वो समझेगा
मेरी तरह जो तनहा हो
एक सुहाना मुस्तकबिल
ख़ाब सा जैसे देखा हो
अब 'शहज़ाद्' वो दीपक है
जो तूफ़ान में जलता हो
एक तो चेहरा ऐसा हो
मेरे लिये जो सजता हो
शाम ढले एक दरवाज़ा
राह मेरी भी तकता हो
मेरा दुख वो समझेगा
मेरी तरह जो तनहा हो
एक सुहाना मुस्तकबिल
ख़ाब सा जैसे देखा हो
अब 'शहज़ाद्' वो दीपक है
जो तूफ़ान में जलता हो
ek to chehrā aisā ho
mere liye jo sajtā ho
śhām ḍhale ek darvāzā
rāh merī bhī taktā ho
merā dukh vo samjhegā
merī tarah jo tanhā ho
ek suhānā mustakbil
khāb sā jaise dekhā ho
ab 'śhahazād' vo dīpak hai
jo tūfān meṅ jaltā ho