दिलों को तोड़ने वालो तुम्हें किसी से क्या
दिलों को तोड़ने वालो तुम्हें किसी से क्या
मिलो तो आँख चुरा लो तुम्हें किसी से क्या
मुझे ख़ुद अपनी नज़र में बना के बेगाना
जहाँ को अपना बना लो तुम्हें किसी से क्या
नज़र बचा के गुज़र जाओ मेरी तुर्बत से
किसी पे ख़ाक न डालो तुम्हें किसी से क्या
हमारी लरज़िश-ए-पा का ख़याल क्यूँ है तुम्हें
तुम अपनी चाल सम्भालो तुम्हें किसी से क्या
diloṅ ko toṛne vālo tumheṅ kisī se kyā
milo to āṇkh churā lo tumheṅ kisī se kyā
mujhe khud apnī nazar meṅ banā ke begānā
jahāṇ ko apnā banā lo tumheṅ kisī se kyā
nazar bachā ke guzar jāo merī turbat se
kisī pe khāk na ḍālo tumheṅ kisī se kyā
hamārī laraziśh-e-pā kā khayāl kyūṇ hai tumheṅ
tum apnī chāl sambhālo tumheṅ kisī se kyā