दर्द-ओ-ग़म का न रहा नाम तेरे आने से
दिल को क्या आ गया आराम तेरे आने से
शुक्र सद शुक्र के लबरेज़ हुआ ऐ साक़ी
मय-ए-इशरत से मेरा जाम तेरे आने से
सहर-ए-ईद ख़ज़िल जिससे हो ऐ माह-ए-लकाँ
वस्ल की भुली है ये शाम तेरे आने से
दर्द-ओ-ग़म का न रहा नाम तेरे आने से
दिल को क्या आ गया आराम तेरे आने से
शुक्र सद शुक्र के लबरेज़ हुआ ऐ साक़ी
मय-ए-इशरत से मेरा जाम तेरे आने से
सहर-ए-ईद ख़ज़िल जिससे हो ऐ माह-ए-लकाँ
वस्ल की भुली है ये शाम तेरे आने से
dard-o-ġham kā na rahā nām tere āne se
dil ko kyā ā gayā ārām tere āne se
śhukra sad śhukra ke labrez huā ai sāqī
may-e-iśhrat se merā jām tere āne se
sahar-e-īd khazil jisse ho ai māh-e-lakāṇ
vasl kī bhulī hai ye śhām tere āne se