चुप हैं दीवार की तरह साये
ये मेरे रास्ते में क्यूँ आये
मुँह से निकले तो जाँ पे बन जाये
दिल की दिल ही में रह गई हाय
फिर उसे देखने की हसरत है
देख कर जिसको होश उड़ जाये
रात आई है याद-ए-दोस्त लिये
देखिये याद-ए-दोस्त क्या लाये
चुप हैं दीवार की तरह साये
ये मेरे रास्ते में क्यूँ आये
मुँह से निकले तो जाँ पे बन जाये
दिल की दिल ही में रह गई हाय
फिर उसे देखने की हसरत है
देख कर जिसको होश उड़ जाये
रात आई है याद-ए-दोस्त लिये
देखिये याद-ए-दोस्त क्या लाये
chup haiṅ dīvār kī tarah sāye
ye mere rāste meṅ kyūṇ āye
muṇh se nikle to jāṇ pe ban jāye
dil kī dil hī meṅ rah gaī hāy
phir use dekhne kī hasrat hai
dekh kar jisko hośh uṛ jāye
rāt āī hai yād-e-dost liye
dekhiye yād-e-dost kyā lāye