बिछड़ के भी मुझे तुझसे ये बदग़ुमानी है
के मेरी याद कभी तो तुझे भी आनी है
हर एक शख़्स को अपना बना के देख लिया
मिलेंगे अब न किसी से ये दिल में ठानी है
शजर उदास है चिड़ियों के चहचहे गुमसुम
कि तेरे बाद ये तन्हा सी ज़िंदगानी है
बिछड़ के भी मुझे तुझसे ये बदग़ुमानी है
के मेरी याद कभी तो तुझे भी आनी है
हर एक शख़्स को अपना बना के देख लिया
मिलेंगे अब न किसी से ये दिल में ठानी है
शजर उदास है चिड़ियों के चहचहे गुमसुम
कि तेरे बाद ये तन्हा सी ज़िंदगानी है
bichhaṛ ke bhī mujhe tujhse ye badaġhumānī hai
ke merī yād kabhī to tujhe bhī ānī hai
har ek śhakhs ko apnā banā ke dekh liyā
mileṅge ab na kisī se ye dil meṅ ṭhānī hai
śhajar udās hai chiṛiyoṅ ke chahachhe gumsum
ki tere bād ye tanhā sī ziṅdgānī hai