आबाद रहो मेरे दिल को जलाने वाले
तुम शाद रहो मेरी हस्ती मिटाने वाले
आना कभी गुर्बत पे दो आँसू बहाने को
तीरे-ए-नज़र से झूठे दरिया बहाने वाले
शम्मा भी जला देना मेरे मज़ार पे तुम
हर दम ही आशिक़ों के दीप जलाने वाले
आबाद रहो मेरे दिल को जलाने वाले
तुम शाद रहो मेरी हस्ती मिटाने वाले
आना कभी गुर्बत पे दो आँसू बहाने को
तीरे-ए-नज़र से झूठे दरिया बहाने वाले
शम्मा भी जला देना मेरे मज़ार पे तुम
हर दम ही आशिक़ों के दीप जलाने वाले
ābād raho mere dil ko jalāne vāle
tum śhād raho merī hastī miṭāne vāle
ānā kabhī gurbat pe do āṇsū bahāne ko
tīre-e-nazar se jhūṭhe dariyā bahāne vāle
śhammā bhī jalā denā mere mazār pe tum
har dam hī āśhiqoṅ ke dīp jalāne vāle