ज़रा सी बात प्यार की ज़ुबान से निकल गयी
हुज़ूर क्या खता हुइ निगाह क्यों बदल गयी
ज़रा शरीफ़ लड़कियों से बात करना सीखिये
फिर उसके बाद आइने में अपनी शक़्ल देखिये
हमारे महमान थे तो बात आके टल गयी
नहीं तो लोग पूछते के शक़्ल क्यों बादल गयी
ज़रा सी बात प्यार की ज़ुबान से निकल गयी
हुज़ूर क्या खता हुइ निगाह क्यों बदल गयी
ज़रा शरीफ़ लड़कियों से बात करना सीखिये
फिर उसके बाद आइने में अपनी शक़्ल देखिये
हमारे महमान थे तो बात आके टल गयी
नहीं तो लोग पूछते के शक़्ल क्यों बादल गयी
zarā sī bāt pyār kī zubān se nikal gayī
huzūr kyā khatā hui nigāh kyoṅ badal gayī
zarā śharīf laṛkiyoṅ se bāt karnā sīkhiye
phir uske bād āine meṅ apnī śhaql dekhiye
hamāre mahmān the to bāt āke ṭal gayī
nahīṅ to log pūchhte ke śhaql kyoṅ bādal gayī