ये दुनिया गोल है, ऊपर से खोल है
अन्दर जो देखो प्यारे बिलकुल पोलम-पोल है
ये दुनिया गोल है
कितने ही दुनिया वाले, रहते हैं घेरा डाले
कोई मुराद माँगे, कोई औलाद माँगे
कोई मुहब्बत चाहे, कोई हुक़ूमत चाहे
सबके गले में भैय्या अरमानों का डोल है
ये दुनिया गोल है …
रुपैय्य पैसा न माँगूँ, सोना चाँदी न माँगूँ
कपड़ा लत्ता न माँगूँ, घोड़ा गाड़ी न माँगूँ
परवरदिगार मेरे, उसका दीदार दे दे
एक फ़ोतो का सवाल है बाबा, बोल अब तक नहीं मिला
परवरदिगार मेरे, उसका दीदार दे दे
जल्दी मिला दे मेरी दुनिया डाँवाडोल है
ये दुनिया गोल है …
अरे बाप रे, ये कहाँ से, ट्यून बदलो
मेरे मौला बुला ले मदीने इसे
लगे मौके पे आने पसीने मुझे
- इसे नहीं, बाबा, मुझे
अच्छा बेता, लंबी उमर हो जल्दी से लंबे हो जाओ
ये दुनिया गोल है …