ल: उम्र हुई, तुमसे मिले, फिर भी जाने क्यों
ऐसे लगे जैसे पहली बार मिले हैं
हे: उम्र हुई, बाग सजे, फिर भी जाने क्यों
ऐसे लगे फूल पहली बार खिले हैं
ल: रूप जगा यूँ, बिन सँवारे साजना, मैं सँवर गैइ -2
आज लगा यूँ, आज लगा यूँ,
मोतियों से मेरी माँग भर गैइ
कजरा छलके, अचरा ढलके,
ऐसे लगे जैसे पहली बार मिले हैं
हे: संग तुम्हारा, मेरी ज़िन्दगी को रास आ गया -2
पा के सहारा, पा के सहारा,
दूर थ्हा मैं, अपने पास आ गया
दुनिया सारी, लागे न्यारी,
ऐसे लगे जैसे पहली बार मिले हैं
ल: झूम उठा तन, मन में एक ऐसी बात आ गैइ -2
जिसकी थी लगन, जिसकी थी लगन
आज वो मिलन की रात आ गैइ
अलके लहके, अखियाँ बकहे
ऐसे लगे जैसे पहली बार मिले हैं