मु: तुम से ही मेरी ज़िंदगी मेरी बहार तुम
गी: अपने ही दिल से पूछ लो किस का प्यार हो तुम
मु: तुम से ही मेरी ज़िंदगी …
मु: गाती हुई हवाओं में तेरा ही गीत है
गी: साजन मेरे निगाहों में तेरी ही प्रीत है
चंदा का रूप चाँदनी मेरा शृंगार तुम
तुम से ही मेरी ज़िंदगी …
गी: ये मुस्कुराता आसमान ये झूमती ज़मीं
मु: मुझको ज़रा संभालना खो जाऊँ न कहीं
ऐसे में अपना कह भी दो बस एक बार तुम
दो: तुम से ही मेरी ज़िंदगी …
मु: आती है ऐसी प्यार की घड़ीयाँ नसीब से
गी: ये दिल की धड़कनें ज़रा सुन लो क़रीब से
आये हो लेके प्यार के सपने हज़ार तुम
मु: अपने ही दिल से पूछ लो किस का प्यार हो तुम
दो: तुम से ही मेरी ज़िंदगी …