अल्का: तू सामने जब आता है, दिल धक से धड़क जाता है - 2
सीने में आग सी जलती है, जलती है, जलती है
सीने में आग सी जलती है, कोई शोला भड़क जाता है
तू सामने जब आता है …
तेरी साँसों की गर्मी से, तन मेरा महके
उदित: तेरे होंठों की नर्मी से, मन मेरा बहके
अल्का: कैसी अगन जागी सजन, जागी सजन
कैसी अगन, अँग अँग बहके
उदित: तू सामने जब आती है …
(उदित: तेरी ज़ुल्फ़ों का ये सावन, रस बरसाए
अल्का: तेरी चाहत की ये ख़ुशबू, होश उड़ाए) - 2
उदित: तेरी कसम, बहके कदम, बहके कदम, तेरी कसम
बेखुदी सी छाए
उदित: तू सामने जब आती है, इक दर्द जगा जाती है - 2
बल खाके ऐसे चलती है, चलती है, चलती है
बल खाके ऐसे चलती है
मेरी जान को तड़पाती है
अल्का: तू सामने जब आता है
उदित: तू सामने जब आती है