तेरे बिन सूनी, नैन हमारे
हाय्! तेरे बिन सूनी
बाट तकत गये साँझ सखारे
हाय्! तेरे बिन सूनी
रात जो आये ढल जाये प्यासी
दिन का है दूजा नाम उदासी
निन्दिया न आये अब मेरे द्वारे
हाय्! तेरे बिन सूनी …
जग में रहा मैं जगसे पराया
साया भी मेरा मेरे साथ न आया
हँसने के दिन भी रोके गुज़ारे
हाय्! तेरे बिन सूनी …
ओ अनदेखे, ओ अनजाने
छुप के न गा ये प्रेम तराने
कौन है तू मोहे अब तो बता रे
हाय्! तेरे बिन सूनी …