( तक़दीर बनी बन कर बिगड़ी
दुनिया ने हमें बरबाद किया ) -2
( दुख दर्द के हाथों लुट कर भी
इस दिल ने तुझी को याद किया ) -2
तक़दीर बनी
हम दिल की लगी को क्या रोयें
उल्फ़त में हज़ारों घर उजड़े
ए ए ए
( ऐ इश्क़ के मारो तुम ही कहो
क़िसमत ने किसे आबाद किया ) -2
तक़दीर बनी
इस क़ैद में जीना मुशक़िल है
ऐ मौत लगी है आस तेरी
हो ओ ओ ओ
( चुपके से ज़रा आ कर कह दे
जा हमने तुझे आज़ाद किया ) -2
तक़दीर बनी बन कर बिगड़ी
दुनिया ने हमें बरबाद किया
तक़दीर बनी