सायोनारा, सायोनारा
वादा निभाऊँगी सायोनारा
इठलाती और बलखाती
कल फिर आऊँगी सायोनारा
छोड़ दे मेरी बाहोंको
रोक ना मेरी राहोंको
इतनी भी बेताबी क्या
समझा अपनी निग़ाहों को
चंचल शोख़ बहारों में
रस बरसाते नजारो में
तुझको भूल न पाऊँगी
होगा मिलन गुलज़ारों में
होंगी रोज़ मुलाकातें
अपने दिन अपनी रातें
कौन हमें फिर रोकेगा
जी भरकर करना बातें