फूलों का तारों का सबका कहना है
एक हज़ारों में मेरी बहना है
सारी उमर हमें संग रहना है
जब से मेरी आँखों से हो गई तू दूर
तब से सारे जीवन के सपनें हैं चूर
आँखों में नींद ना मन में चैना है
एक हज़ारों में मेरी बहना है
देखो हम तुम दोनों हैं एक डाली के फूल
मैं ना भूला तू कैसे मुझको गई भूल
आ मेरे पास आ कह जो कहना है
एक हज़ारों में मेरी बहना है
जीवन के दुखों से यूँ डरते नहीं हैं
ऐसे बच के सच से गुज़रते नहीं हैं
सुख की है छाँव तो दुःख भी सहना है
एक हज़ारों में मेरी बहना है