आ: ओफ़ ओ जलता है बुजहता है जलता है
अ अ कैसे
ओफ़ ओ मिटता है लुटता है मिटता है
अ अ हम पे
फिर भी मुशक़िल मुशक़िल ये दिल पाना
सुन ले
सो: हे
सहराओं से भी गुज़रूँ
दरियाओं से भी उभरूँ
ओ
हे
सहराओं से भी गुज़रूँ
दरियाओं से भी उभरूँ
तेरे लिये मैं गहरी वादी भी चूम लूँ
आ: सहरा में गुल ना खिलेगा
दरिया में दिया ना जलेगा
दीवाने वादियों में दिल ना मिलेगा
सो: ओफ़ ओ जल गया
आ: एक परछाईं जैसी हूँ मैं
सूरज ढलते ही छुप जाऊँ तो
अँधेरा छा जायेगा आ आ आ
सो: शोला जुनूं का आँखों में
रोशन दिल रातों में
फिर अँधेरा भी क्या कर पायेगा
आ: ज़िद करना है रीत तेरी
नाज़ुक प्रीत मेरी
रोक भी ले ख़ुद को
जीने भी दे मुझ को
सो: बस जा मेरी साँसों में
जी ले आ मेरी बाँहों में
हाय जल गया जल गया जल गया जल गया
आ: ओफ़ ओ जलता है बुजहता है जलता है
अ अ कैसे
सो: ओफ़ ओ जल गया मिट गया लुट गया
ओफ़ ओ तुम पे
आ: सहरा में गुल ना खिलेगा
दरिया में दिया ना जलेगा
दीवाने वादियों में दिल ना मिलेगा
सो: साँसों से ख़ुशबू उठने लगी
बाँहों में जब तू सजने लगी
तो देखे जहाँ
फिर ज़मीं आसमाँ क्या
आ: शरम से आँखें झुकने लगीं
मुझ से कुछ ये कहने लगीं
के ये क्या हो गया
कैसे बदला इरादा आ आ
सो: आख़िर दिल मजबूर हुआ
मेरे इश्क़ में चूर हुआ
मुझपे असर था तेरा
तुझपे है साया अब मेरा
आ: दूर अगर मैं जाऊँ तो
फिर बन जाये तू सूरज वो
जो जलता है बुझता है जलता है बुझता है
ओफ़ ओ
आ: ओफ़ ओ जलता है
सो: ओफ़ ओ जल गया जल गया
आ: ओफ़ ओ
ओफ़ ओ
सो: ओफ़ ओ जल गया
आ: जलता है
सो: मिट गया मिट गया मिट गया मिट गया
मिट गया मिट गया मिट गया
ओफ़ ओ जल गया