ओ हंसिनी मेरी हंसिनी, कहाँ उड़ चली
मेरे अरमानों के पंख लगा के कहाँ उड़ चली
आजा मेरी साँसों में महक रहा रे तेरा गजरा
आजा मेरी रातों में लहक रहा रे तेरा कजरा
देर से लहरों में कमल संभाले हुए मन का
जीवन ताल में भटक रहा रे तेरा हंसा
ओ हंसिनी मेरी हंसिनी, कहाँ उड़ चली
मेरे अरमानों के पंख लगा के कहाँ उड़ चली
आजा मेरी साँसों में महक रहा रे तेरा गजरा
आजा मेरी रातों में लहक रहा रे तेरा कजरा
देर से लहरों में कमल संभाले हुए मन का
जीवन ताल में भटक रहा रे तेरा हंसा
o haṅsinī merī haṅsinī, kahāṇ uṛ chalī
mere armānoṅ ke paṅkh lagā ke kahāṇ uṛ chalī
ājā merī sāṇsoṅ meṅ mahak rahā re terā gajrā
ājā merī rātoṅ meṅ lahak rahā re terā kajrā
der se lahroṅ meṅ kamal saṅbhāle hue man kā
jīvan tāl meṅ bhaṭak rahā re terā haṅsā