ल: मुस्कुराती हुई चाँदनी
जगमगाता हुआ आसमाँ
ले चले हो मुझे तुम कहाँ
हे: दो मुहब्बत भरे दिल जहाँ
कह सके प्यार की दासताँ
ले चले हम तुम्हें हैं वहाँ
हे: कह रहे हैं नज़ारे पुकार के
बीत जाए ना दिन ये बहार के
ल: सनसनाती हवाओं के गीत ने
तारें छेड़े हैं दिल के सितार के
दो: ये सुहाना समा है उमंगें जवाँ
फिर खुले क्योँ ना दिल की ज़ुबाँ …
ल: आज कैसी सुहानी ये रात है
ज़िंदगी में नयी एक बात है
हे: इन सितारों की रंगीन छाँव मे
दो दिलो का अनोखा ये साथ है
दो: हम तुम्हारे हुए तुम हमारे हुए
प्यार का मुस्कुराया जहाँ …