मेरा तो जो भी कदम है, वो तेरी राह में है
के तू कही भी रहे तू मेरी निगाह में है
खरा है दर्द का रिश्ता तो फिर जुदाई क्या
जुदा तो होते है वो, खोट जिनकी चाह में है
छूपा हुआ सा मुझ ही में है तू कही ऐ दोस्त
मेरी हँसी में नहीं है, तो मेरी आह में है
मेरा तो जो भी कदम है, वो तेरी राह में है
के तू कही भी रहे तू मेरी निगाह में है
खरा है दर्द का रिश्ता तो फिर जुदाई क्या
जुदा तो होते है वो, खोट जिनकी चाह में है
छूपा हुआ सा मुझ ही में है तू कही ऐ दोस्त
मेरी हँसी में नहीं है, तो मेरी आह में है
merā to jo bhī kadam hai, vo terī rāh meṅ hai
ke tū kahī bhī rahe tū merī nigāh meṅ hai
kharā hai dard kā riśhtā to phir judāī kyā
judā to hote hai vo, khoṭ jinkī chāh meṅ hai
chhūpā huā sā mujh hī meṅ hai tū kahī ai dost
merī hṇsī meṅ nahīṅ hai, to merī āh meṅ hai