मैंने कहा फूलों से हँसो तो वो खिलखिलाके हँस दिये
और ये कहा जीवन है भाई मेरे भाई हँसने के लिये
सूरज हँसा तो बिखर बिखर गई किरणें
सूरज हँसा रे किरण किरण चुनकर धरती ये
सजके सुनहरी बन गई रे
मैंने कहा सपनों से सजो तो वो मुस्कुराके सज गए
और ये कहा जीवन है भाई मेरे भाई सजने के लिये
ये शाम तो यूँ हँसे जैसे हँसे दुल्हन
ये शाम तो नीले नीले साँवले अम्बर में
रंग जो गुलाबी लगे भरने
मैंने कहा रंगों से छलको तो वो जग ये सारा रंग गये
और ये कहा जीवन है भाई मेरे भाई रंगने के लिये
मौसम मिला वो कहीं एक दिन मुझको मौसम मिला
मैंने कहा रुको खेलो मेरे संग तुम
मौसम भोला रुका जो वो हो गया गुम
मैंने कहा अपनों से चलो तो वो साथ मेरे चल दिए
और ये कहा जीवन है भाई मेरे भाई चलने के लिये