क्या ग़म जो अँधेरी हैं राहें इक शम्मा-ए-तमन्ना साथ तो है
कुछ और सहारा हो कि न हो हाथों में तुम्हारा हाथ तो है
क्या जाने कितने दीवाने घर फूँक तमाशा देख चुके
जिस प्यार की दुश्मन दुनिया है उस प्यार में कोई बात तो है
क्या ग़म जो अँधेरी हैं राहें इक शम्मा-ए-तमन्ना साथ तो है
कुछ और सहारा हो कि न हो हाथों में तुम्हारा हाथ तो है
क्या जाने कितने दीवाने घर फूँक तमाशा देख चुके
जिस प्यार की दुश्मन दुनिया है उस प्यार में कोई बात तो है
kyā ġham jo aṇdherī haiṅ rāheṅ ik śhammā-e-tamannā sāth to hai
kuchh aur sahārā ho ki na ho hāthoṅ meṅ tumhārā hāth to hai
kyā jāne kitne dīvāne ghar phūṇk tamāśhā dekh chuke
jis pyār kī duśhman duniyā hai us pyār meṅ koī bāt to hai