खेलो ना मेरे दिल से
ओ मेरे साजना, ओ साजना, ओ साजना
खेलो ना, खेलो ना, मेरे दिल से
खेलो ना मेरे दिल से
मुस्कुराके देखते तो हो मुझे
ग़म है किसलिए निगाह में
मज़िल अपनी तुम अलग बसाओगे
मुझको छोड़ दोगे राह में
प्यार क्या दिल्लगी, प्यार क्या खेल है
क्यों नज़र मिलाई थी लगाव से
हँसके दिल मेरा लिया था क्यों
क्यों मिले थे ज़िंदगी के मोड़ पर
मुझको आसरा दिया था क्यूँ
प्यार क्या दिल्लगी, प्यार क्या खेल है