कैसे-कैसे -2
हे हे हे
अ: कैसे-कैसे सपने देखे थे मैने तेरे प्यार के लिए -2
ज़िंदगी ये मेरी है तेरे इंतज़ार के लिए
ओ
कैसे-कैसे सपने देखे थे मैने तेरे प्यार के लिए
ज़िंदगी ये मेरी है तेरे इंतज़ार के लिए
ओ
सु: दर्द होता है सोज़ होता है
ये तमाशा तो रोज़ होता है
रोज़ कोई हँस के बात करता है
रोज़ कोई दिल के दाग़ धोता है
अ: प्यास मेरी आँखों की जाने क्यों बुझती नहीं -2
रोज़-रोज़
( हो
रोज़-रोज़ आता हूँ मैं तेरे ही दीदार के लिए ) -2
कैसे-कैसे -2
रुसवा ना कर इतना मेरी मोहब्बत को
ओ ओ ओ ओ
रुसवा ना कर इतना मेरी मोहब्बत को
झूठा ही
झूठा ही वादा कर ले तू मेरे ऐतबार के लिए -2
कैसे-कैसे -2
सु: रोज़ आते हो रोज़ जाते हो
जान-ए-जानाँ किस लिए इतना सताते हो
उम्र भर का कोई वादा कर ले
वादा क़िश्तों में क्यों निभाते हो
अ: मुझे तेरी महफ़िल में दिल खींच लाता है -2
जीता हूँ
जीता हूँ मर-मर के दिल-ए-बेक़रार के लिए
हय
जीता हूँ मर-मर के दिल-ए-बेक़रार के लिए
ज़िंदगी ये मेरी है तेरे इंतज़ार के लिए
हो
कैसे-कैसे सपने देखे थे मैने तेरे प्यार के लिए
ज़िंदगी ये मेरी है तेरे इंतज़ार के लिए
हो
कैसे-कैसे -2