कि: कह दूँ तुम्हें
आ: हाँ
कि: या चुप रहूँ
आ: ना
कि: दिल में मेरे आज क्या है
आ: क्या है
कि: कह दूँ तुम्हें या चुप रहूँ
दिल में मेरे आज क्या है
जो बोलो तो जानूँ गुरू तुमको मानूँ
चलो ये भी वादा है
आ: अच्छा
कि: कह दूँ तुम्हें …
आ: सोचा है तुमने कि चलते ही जाएँ
तारों से आगे कोई दुनिया बसाएँ
ठीक है
कि: अंहाँ
आ ; तो तुम बताओ
कि: बताऊँ
आ: हाँ
कि: सोचा ये है कि तुम्हें रस्ता भुलाएँ
सूनी जगह पे कहीं छेड़ें सताएँ
आ: हाय रे ना ना
ये ना करना
अरे नहीं रे नहीं रे नहीं रे नहीं रे नहीं नहीं
कि: कह दूँ तुम्हें …
आ: सोचा है तुमने कि कुछ गुनगुनाएँ
मस्ती में झूमें ज़रा धूमें मचाएँ
अब ठीक है
कि: उ हूँ
आ ; तो तुम बताओ ना
कि: बताऊँ
आ: हाँ
कि: सोचा ये है कि तुम्हें नज़दीक लाएँ
फूलों से होंठों की लाली चुराएँ
आ: हाय रे ना ना -2
ये ना करना
अरे नहीं रे नहीं रे नहीं रे नहीं रे नहीं नहीं
कि: कह दूँ तुम्हें …