हम तुम होंगे, बादल होगा
रक़्स में सारा जंगल होगा
वस्ल की शब और इतनी काली
उन आँखों का काजल होगा
किसने किया मह्मेज़ हवा को
शायद उनका आँचल होगा
क्या मिलना 'फ़ारूक़्' से लोगों
होगा कोई पागल होगा
हम तुम होंगे, बादल होगा
रक़्स में सारा जंगल होगा
वस्ल की शब और इतनी काली
उन आँखों का काजल होगा
किसने किया मह्मेज़ हवा को
शायद उनका आँचल होगा
क्या मिलना 'फ़ारूक़्' से लोगों
होगा कोई पागल होगा
ham tum hoṅge, bādal hogā
raqs meṅ sārā jaṅgal hogā
vasl kī śhab aur itnī kālī
un āṇkhoṅ kā kājal hogā
kisne kiyā mahmez havā ko
śhāyad unkā āṇchal hogā
kyā milnā 'fārūq' se logoṅ
hogā koī pāgal hogā