हाल-ए-दिल मैं क्या कहूँ
मुशकिल है मेरे सामने
हाल-ए-दिल मैन क्या कहूँ -2
मुशकिल है मेरे सामने -2
भोले भाले रूप में -2
क़ातिल है मेरे सामने -2
हाल-ए-दिल …
( मेरी उम्मीदों की कश्ती
पार हो जाने भी दे
पार हो जाने भी दे ) -2
रुक जा ऐ तूफ़ान तू -2
साहिल है मेरे सामने -2
हाल-ए-दिल …
( जोश कहता है के चल
और होश कहता है संभल ) -2
होश कहता है संभल
किसका कहना मान लूँ -2
मंज़िल है मेरे सामने -2
हाल-ए-दिल मैन क्या कहूँ …