गी: ओऽ ओऽ ओऽ
हे: ओऽ ओऽ
गी: गुम सुम सा ये जहाँ, ये रात ये हवा
हे: एक साथ आज दो दिल धड़केंगे दिलरुबा
दो: गुम सुम सा ये जहाँ, ये रात ये समा
हे: देखो वो चाँद बदली की ओट में छुपने लगा
गी: ये नील गगन भी प्यार के आगे झुकने लगा
हे: इतनी हसीन
गी: इतनी शरीर
हे: है चाँद की ये अदा
दो: गुम सुम सा ये जहाँ, ये रात ये हवा
गी: उल्फ़त में चूर दुनिया से दूर हम आ ही गये
हे: मंज़िल के पास अब तो हुज़ूर हम आ ही गये
गी: चाहत के फूल
हे: देखें न धूल
दो: डाली से न हो जुदा
दो: गुम सुम सा ये जहाँ, ये रात ये हवा
एक साथ आज दो दिल धड़केंगे दिलरुबा
गुम सुम सा ये जहाँ, ये रात ये समा