Chori Chori Chupke Chupke

चोरी चोरी चुपके चुपके
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चोरी चोरी चुपके चुपके
पलकों के पीछे से छुपके
कह गई सारी बतियाँ
अँखियाँ, दो अँखियाँ
ये अँखियाँ, दो अँखियाँ

होठों पर था लाज का पहरा
धड़क गया ये दिल ना ठहरा
बन गयी प्रेम की पतियाँ

लाख छुपाये मीरा रानी
मनमोहन की प्रेम दीवानी
जान गई, जान गई, जान गई
जान गई सब सखियाँ