श: य कही
दो: ( चाहे कितनी कठिन डगर हो
हम क़दम बढ़ाते जायेंगे
क़दम बढ़ाते हँसते-गाते
धूम मचाते जायेंगे ) -2
चाहे कितनी कठिन डगर हो
सु: जिस पथ पर तुम चरन धरोगे -2
अपने नैन बिछाऊँगी
( तुमरे पथ के काँटों को]
पलकों से उठाती जाऊँगी ) -2
जब लग प्रान रहेंगे -2
दो: एक-दूजे का साथ निभायेंगे
क़दम बढ़ाते जायेंगे
क़दम बढ़ाते हँसते-गाते
धूम मचाते जायेंगे
चाहे कितनी कठिन डगर हो
श: इस दुखियारे जग में तुम ही
नैनन का उजियारा हो
( सूने-लम्बे जीवन-पथ का
तुम ही एक सहारा हो ) -2
तुम संग हो तो पाँव मेरे
कभी न ठोकर खायेंगे
दो: क़दम बढ़ाते जायेंगे
क़दम बढ़ाते हँसते-गाते
धूम मचाते जायेंगे
चाहे कितनी कठिन डगर हो
सु: ( हमको मिल कर इस दुखियारे
जग को स्वर्ग बनाना है ) -2
( सब अपने हैं सबको
मानवता का प्यार सिखाना है ) -2
श: जो सबको उजियारा दे
सु: जो सबको उजियारा दे
दो: एक ऐसी ज्योत जलायेंगे
क़दम बढ़ाते जायेंगे
क़दम बढ़ाते हँसते-गाते
धूम मचाते जायेंगे
चाहे कितनी कठिन डगर हो