अश: आऽऽ
झूम रहा है रोम रोम क्योँ
तनु मन लेहराया
थिरक रहा है अंग अंग क्योँ
कौन आज आया, राजन, कौन आज आया
ंअहेन्द्र ख़पूर: राजन कौन, कौन महाराजन
कौन आज दुष्यंत
स्वागत करो आज आए हैं श्री
ऋतु राज बसंत
कोरस: आऽऽ
आशा: आऽऽ बसंत है आयाऽऽ
कोरस: बसंत है आया रंगीला
आशा: बसंत है आयाऽऽ
कोरस: बसंत है आया रंगीलाऽऽ
बसंत है आया रंगीला
बसंत है आया
आशा: मन की कोकिला लगी चहकने
आज साँस भी लगी महकने
मन की कोकीला लगी चहकने
आऽऽ
कोरस: मन की कोकिला लगी चहकने
आज साँस भि लगी महकने
आशा: मधुमदमाती अंग अंग में नया रंग छायाऽऽ
कोरस: नया रंग छायाऽऽ
महेंद्र: आ बसंत का मास खुला आकाश, बढ़ रही प्यास
नैन तन मन सब डोले रे
कोरस: डोले रे
आशा: चले मदन के बाण सजन हे प्रण कोई
अंजान नाच के बंधन खोले रे
कोरस: खोले रे
आशा: थर थर थर प्रीत करे बेल सी
बलखाती काया आऽऽ
कोरस: बलखाती काया आऽऽ