बलमा खुली हवा में, महकी हुई फ़िज़ा में
दिल चाहता है मेरा बहकना इधर उधर
पग पग चलू बलखाती, खुद भी न जानू कहाँ
कहता है ये दिल मतवाला, आज अपना है सारा जहाँ
छुन छुन बोले मेरी पायल, आजा कहे सजना
आजा के ये सारे नजारें, सैय्या फिके हैं तेरे बिना
बलमा खुली हवा में, महकी हुई फ़िज़ा में
दिल चाहता है मेरा बहकना इधर उधर
पग पग चलू बलखाती, खुद भी न जानू कहाँ
कहता है ये दिल मतवाला, आज अपना है सारा जहाँ
छुन छुन बोले मेरी पायल, आजा कहे सजना
आजा के ये सारे नजारें, सैय्या फिके हैं तेरे बिना
balmā khulī havā meṅ, mahkī huī फ़iज़ā meṅ
dil chāhtā hai merā bahaknā idhar udhar
pag pag chalū balkhātī, khud bhī na jānū kahāṇ
kahtā hai ye dil matvālā, āj apnā hai sārā jahāṇ
chhun chhun bole merī pāyal, ājā kahe sajnā
ājā ke ye sāre najāreṅ, saiyyā phike haiṅ tere binā