पु: अच्छा तो ये बात है
तुम भी सुन लो
जो जो सवाल मैं पूछूँ उनका सच-सच जवाब देना
डन््?
स्त्री: डन््
पु: अच्छा, तो बाग़ों में बहार है?
स्त्री: क्या?
पु: मैं ने पूछा बाग़ों में बहार है?
स्त्री: हाँ है
पु: कलियों पे निखार है?
स्त्री: हाँ है
पु: तो, तो तुमको मुझसे प्यार है
स्त्री: न न न, न न न, न न न, न न न
पु: ओऽ बाग़ों में बहार है
स्त्री: है
पु: कलियों पे निखार है
स्त्री: है
पु: ओऽ तुमको मुझसे प्यार है
स्त्री: न न न, न न न, न न न, न न न
पु: ओऽ बाग़ों में बहार है …
स्त्री: छोड़ो हटो, जाओ पकड़ो न बैंय्या
आऊँ न मैं तेरे बातों में सैंय्या
पु: तुमने कहा है देखो, देखो मुझे सैंय्या
बोलो तुमको इक़रार है
स्त्री: है
पु: फिर भी इन.कार है
स्त्री: हाँ है
पु: ओऽ तुमको मुझसे प्यार है
स्त्री: न न न, न न न, नहीं नहीं नहीं नहीं
पु: ओऽ बाग़ों में बहार है
तुमने कहा था मैं सौ दुःख सहूँगी
चुपके पिया तेरे मन में रहूँगी
स्त्री: वो सब कहूँगी लेकिन वो न कहूँगी
तुमको जिसका इन्तज़ार है
पु: है
स्त्री: फिर भी तक़रार है
पु: है
ओऽ तुमको मुझसे प्यार है
स्त्री: न न न, न न न, न न न, न न न
पु: ओऽ बाग़ों में बहार है
स्त्री: अच्छा चलो, छेड़ो आगे कहानी
होती है क्या बोलो प्यार की निशानी
पु: बेचैन रहती है प्रेम दीवानी
बोलो क्या दिल बेक़रार है
स्त्री: है
पु: मुझपे ऐतबार है
स्त्री: है
पु: जीना दुशवार है
स्त्री: है, है
पु: आज सोमवार है
स्त्री: अरे बाबा, है
पु: तुमको मुझसे प्यार है
स्त्री: है
न न न न न