ए ई ये ई ये ई
रो ज़ो तो ज़रा
ए ई ये ई ये ई
मेरे यारा
बादल वो आए
आए
गर्मी बढ़ाए
हाय
पानी भी लाए
लाए
उसकी मर्ज़ी
अँ
रस्ता जो आए
आए
वहीं फिर जाए
जाए
कहीं मुड़ जाए
जाए
उसकी मर्ज़ी
सुनो सुनो ये फ़साना
सोचो ज़रा मेरे यारा
( सुनो सुनो ये फ़साना
सोचो ज़रा मेरे यारा ) -2
उसकी मर्ज़ी -4
पत्थर पूजे भी जायें
इन राहों में भी वो मिल जायें
ये धागा है नाज़ुक-नाज़ुक
बंधन फिर भी तो बाँधा जाये
ख़यालों से दुनिया चले
इशारे समझ ले ये ज़रा
आ मानें वो दिल की है जो
करें फिर
कोई तेरा-मेर यहाँ क्या
सुनो सुनो ये फ़साना
सोचो ज़रा मेरे यारा
सुनो सुनो ये फ़साना
सोचो ज़रा मेरे यारा
बादल वो आए
आए
गर्मी बढ़ाए
हाय
पानी भी लाए
लाए
उसकी मर्ज़ी
अँ
रस्ता जो आए
आए
वहीं फिर जाए
जाए
कहीं मुड़ जाए
जाए
उसकी मर्ज़ी
सागर में डूबे नदी
जुदा है नाम, रंग वही
फूलों से आये महक
कबसे उनमें है पता नहीं
ज़मीं पे ठहर जाते हैं
किसी के क़दमों के भी निशाँ
निशाँ वो कभी भी न मिटें
पड़े जो उनपे साया भी किसी का
ए ई ये ई ये ई
रो ज़ो तो ज़रा
ए ई ये ई ये ई
मेरे यारा
बादल वो आए
आए
गर्मी बढ़ाए
हाय
पानी भी लाए
लाए
उसकी मर्ज़ी
अँ
रस्ता जो आए
आए
वहीं फिर जाए
जाए
कहीं मुड़ जाए
जाए
उसकी मर्ज़ी
सुनो सुनो ये फ़साना
सोचो ज़रा मेरे यारा
( सुनो सुनो ये फ़साना
सोचो ज़रा मेरे यारा ) -3
मेरे यारा मेरे यारा -6