आँखों से जो उतरी है दिल में
तसवीर है एक अनजाने की
खुद ढूँढ रही है शम्मा जिसे
क्या बात है उस परवाने की
आँखों से जो उतरी है दिल में …
वो उस के लबों पर शौख हँसी
रंगीन शरारत आँखों में
साँसों में मोहब्बत की खुशबू
वो प्यार की धड़कन बातों में
दुनिया मेरी, बदल गई
बनके घटा निकल गई
तौबा वो नज़र मस्ताने की
खुद ढूँढ रही है शम्मा जिसे
क्या बात है उस परवाने की
आँखों से जो उतरी है दिल में …
अंदाज वो उसके आने का
चूपके से बहार आये जैसे
कहने को घड़ी भर साथ रहा
पर उमर गुज़ार आये जैसे
उनके बिना, रहूंगी नहीं
किस्मत से अब जो कही
मिल जाये खबर दीवाने की
खुद ढूँढ रही है शम्मा जिसे
क्या बात है उस परवाने की
आँखों से जो उतरी है दिल में …