सताएगा किसे तू आसमां जब हम नहीं होंगे
दिये हैं तूने ऐसे ग़म कभी जो कम नहीं होंगे
सितारे टूटने से आसमां का क्या बिगड़ता है
कमी क्या होगी दुनिया में अगर एक हम नहीं होंगे
हैं जब तक हम तभी तक दुश्मनी है हमसे दुनिया को
यही दुनिया हमें ढूंढेगी हम जिस दम नहीं होंगे