रातिची झोप मज येईना
कि दिस जाईना
जा जा जा ना
कुणीतरी सांगा हो सजणा
लागली श्रावणझड दारी
जिवाला वाटे जड भारी
अशी मी राघुविण मैना
कि झाली दैना
जा जा जा
कुणितरी सांगा हो सजणा
एकली झुरते मी बाई
सुकली ग पाण्याविण जाई
कि मन राहिना
जा जा जा
कुणितरी सांगा हो सजणा