मुड़ मुड़ के ना देख मुड़ मुड़ के
ज़िंदगानी के सफर में तू अकेला ही नहीं है
हम भी तेरे हमसफ़र हैं
आये गये मंज़िलों के निशां
लहराके झूमा झुका आसमा
लेकिन रुकेगा ना ये कारवां
नैनों से नैना जो मिलाके देखे
मौसम के साथ मुस्कुराके देखे
दुनिया उसीकी है जो आगे देखे
दुनिया के साथ जो बदलता जाये
जो इसके सांचे में ही ढलता जाये
दुनिया उसीकी है जो चलता जाये