क्या गजब करते हो जी
प्यार से डरते हो जी
डरके तुम और हसीन लगते हो जी
कदमों पे सर रखके हम यहीं सो जाएंगे
हँसके तुम देखो तो हम खुश हो जाएंगे
झूठ ही कह दो तुम भी हम पे मरते हो जी
कोई नहीं हम दोनों हैं, मैं हूँ मेरी अंगड़ाई है
चले आओ मेरी बाहों में बड़ी प्यारी तनहाई है
रत मिलन की तुम क्यों आहें भरते हो जी